(अब मॉड्यूलर फोन की बारी, रैम, कैमरा, प्रोसेसर कुछ भी बदल लीजिए)
स्मार्टफोन चुनना कितना आसान हो जाता
अगर आप और हम ये तय कर सकते कि उसमें हमें कितनी मेमोरी, कितना स्टोरेज और
कौन सा प्रोसेसर चाहिए और उसका कैमरा कितने मेगापिक्सेल का चाहिए। वैसे ये
असम्भव भी नहीं है। कुछ ऐसी कंपनियां हैं जो आपके लिए इसे संभव बनाती हैं।
गूगल ऐसा फ़ोन बाज़ार में उतारने की योजना बना रहा है जिसको कई हिस्सों में बांटा जा सकता है।
यह प्यूर्टो रिको में पहली बार बाज़ार में प्रयोग के तौर पर उतारा जाएगा। यह सड़क के किनारे की दुकानों में मिलेंगे।
कंपनी का कहना है कि इस फ़ोन के रखरखाव में एक तो कम ख़र्च आएगा और दूसरा वे उन ग्राहकों के लिए ठीक है जो अपने फ़ोन को अपने रूचि के हिसाब से इस्तेमाल करना चाहते हैं।
फिलहाल बाजार में कुछ लोग उसके लॉन्च का इंतज़ार कर रहे है।वैसे दुनिया के पहले मॉड्यूलर फ़ोन का नाम 'मोडू' था और उसे 2007 में लॉन्च किया गया था।
गूगल भी मॉड्यूलर स्मार्टफोन बनाना चाहता है। और प्रोजेक्ट आरा की वही कोशिश है।
शुरूआती डिज़ाइन में आरा में छह स्लॉट होंगे। इसमें आप कोई भी फीचर जोड़ सकते हैं और उसी तरह कोई भी निकाल भी सकते हैं।अगर आपको बेहतर कैमरा चाहिए तो अभी के स्लॉट से कैमरा निकाल कर दूसरा लगा दीजिए।

इस फ़ोन की घोषणा करने वाले वीडियो 'प्रोजेक्ट एरा' में गूगल ने कहा है कि इसका मकसद ऐसे लोगों के बीच फ़ोन को लोकप्रिय बनाने की है जिनके पास अभी स्मार्टफ़ोन नहीं है।
गार्टनर कंस्लटेंसी के एक विशेषज्ञ जॉन इरेन्सन ने कहा," कैमरा, स्पीकर, बैटरी, डिस्पले, एप्लीकेशन प्रोसेसर, वायरलेस कनेक्टिविटी, ब्लड शुगर मॉनिटर, लेजर प्वाइंटर, पीको प्रोजेक्टर या मोबाइल के वे सभी दूसरे भाग जो चुंबक से जुड़े होंगे उसे बदला जा सकेगा है।"


जॉन इरेन्सन का कहना है, "एक बड़ा सवाल यह है कि इस तरह का स्मार्टफ़ोन ख़ास तरह के शौकीन लोगों के बीच ही लोकप्रिय हो पाएगा या बड़े पैमाने पर आम ग्राहकों में इसकी मांग होगी।
'प्रोजेक्ट एरा' के निदेशक पॉल एरेमेन्को ने बताया कि इस फ़ोन में 3जी मॉडम होगा और यह एंटीना के सहारे भी चल सकेगा।


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